जस्टिस सिन्हा ने जुर्माना 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख कर दिया
कोलकाता। शहर में अवैध निर्माण की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। आरोप है कि गलियों में तालाब खोदकर फ्लैट बनाए जा रहे हैं, नियमों का पालन किए बगैर बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। वहीं हाल ही में गार्डनरीच में हुई भयानक घटना ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस तरह के निर्माण को रोकने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट ने सख्त कदम उठाए हैं। कोलकाता के नंदी बागान वार्ड नंबर 106 में बुधवार को अवैध निर्माण से जुड़ा मामला आया।
जस्टिस अमृता सिन्हा ने उस मामले में आरोपी का जुर्माना दोगुना करने का आदेश दिया। हाल ही में गार्डेनरीच में एक झुग्गी बस्ती में एक घर के ढहने के बाद, ऐसी शिकायतें थीं कि बिना अनुमति के ऊंची इमारत बनाई जा रही थी। इसके बाद जस्टिस सिन्हा ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त आदेश दिये। अवैध निर्माण को लेकर जस्टिस अमृता सिन्हा ने कहा कि जो लोग इसमें शामिल हैं, उन्हें अच्छा सबक सिखाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में अवैध निर्माण रुके। अदालत आंखें बंद करके नहीं बैठ सकती।
अगर न्याय नहीं मिला तो अन्याय होगा। इस दिन जस्टिस सिन्हा ने इस बात का भी जिक्र किया कि सिंगल बेंच के आदेश पर डिवीजन बेंच का कोई निलंबन नहीं है। कोर्ट के जिस आदेश के खिलाफ उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना नहीं भरने का आरोप है, वह बार-बार टालने की कोशिश कर रहे हैं। जिसके चलते हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की रकम बढ़ाई जाए। 2 लाख जमा करने का निर्देश दिया गया है।